Close Menu
Just PostJust Post
  • आज की बड़ी खबरें
  • झारखंड
  • बिहार
  • देश
  • दुनिया
  • राजनीति
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • धर्म-अध्याय
  • लेख
Facebook X (Twitter) Instagram
Just PostJust Post
Facebook X (Twitter) Instagram WhatsApp
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • धर्म-अध्याय
  • लेख
Just PostJust Post
  • आज की बड़ी खबरें
  • झारखंड
  • बिहार
  • देश
  • दुनिया
  • राजनीति
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • धर्म-अध्याय
  • लेख
Home»धर्म-अध्याय»प्रेम, शांति व बाईबल संदेश के साथ मनाया गया क्रिसमस
धर्म-अध्याय

प्रेम, शांति व बाईबल संदेश के साथ मनाया गया क्रिसमस

जस्ट पोस्टBy जस्ट पोस्टDecember 25, 2025No Comments2 Mins Read3 Views
Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram Threads Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Threads Telegram WhatsApp Copy Link

रांची। रांची में क्रिसमस पर्व के अवसर पर चर्चों में प्रेम और शांति का वातावरण देखा गया। इस शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं और गले मिलकर अपनी खुशी व्यक्त की। इस दौरान तीन चरणों में चर्चों में विशेष प्रार्थनाएँ और विनतियों का आयोजन किया गया। सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक यीशु मसीह के जन्मोत्सव पर श्रद्धालु प्रभु यीशु और माता मरियम के समीप प्रभु के चरणों में कैंडल जलाकर प्रेम और शांति की कामना की। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोगों ने प्रार्थना और श्रद्धा के साथ चर्चों का रुख किया। मान्यता है कि हर व्यक्ति को अपने हृदय को प्रभु के चरणों की चरनी बनाना चाहिए, ताकि जीवन में प्रेम और सद्भाव का संचार हो सके।

जीईएल चर्च के बिशप जॉनसन लकड़ा ने क्रिसमस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह त्योहार केवल उत्सव या दिखावे का माध्यम नहीं है, बल्कि इसका मकसद मनुष्यों के हृदय में यीशु मसीह को स्थान देना है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने हृदय को प्रभु के चरणों की चरनी बनाकर अपने कार्य और व्यवहार से दूसरों के जीवन में खुशियों का संचार करना चाहिए। वहीं, सीएनआई चर्च के पुरोहित जोलजस कुजूर ने कहा कि यीशु का जन्म सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण के लिए हुआ है। यीशु केवल एक घटना नहीं, बल्कि संसार को पापों से मुक्त कराने और नया जीवन देने का प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि प्रभु यीशु का जन्म मानवता के उद्धार के लिए हुआ है, और उनका अवतरण मानव जीवन की रक्षा के लिए है। प्रभु का यह पर्व प्रेम, शांति और उद्धार का संदेश लेकर आया है।

Share. Facebook Twitter Email Threads Telegram WhatsApp Copy Link
जस्ट पोस्ट
  • Website

Related Posts

सेवा भारती ने दिया स्वावलंबन के लिए सिलाई मशीन

May 10, 2026

समर्पण शाखा ने की गौ सेवा गौ सेवा भगवान की पूजा से बड़ी पूजा: शुभा अग्रवाल

May 8, 2026

मारवाड़ी युवा मंच रांची समर्पण शाखा का “15 दिन 15 जन सेवा” अभियान: छठे दिन लक्ष्मीनारायण मंदिर में फल वितरण

May 7, 2026

जनहित सेवा ट्रस्ट के द्वारा 105 बच्चियों का सामूहिक विवाह

May 3, 2026

पहाड़ी मंदिर प्रबंधन में अनियमितताओं के गंभीर आरोप, नई समिति ने पारदर्शिता का दिया भरोसा

May 2, 2026

गुरु नानक सत्संग सभा में गुरु अमर दास जी का 547वाँ प्रकाश पर्व मनाया गया

April 30, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

रांची विश्वविद्यालय में ग्रेजुएट युवाओं के लिए 156 अप्रेंटिसशिप पद, 12000 रुपये मिलेगा स्टाइपेंड

May 11, 2026

रांची से लापता डेढ़ साल की बच्ची की तलाश तेज, सूचना देने पर 50 हजार रुपये का मिलेगा इनाम

May 11, 2026

45 दिनों में BSF को जमीन देने, आयुष्मान भारत लागू करने…सीएम बनते ही सुवेंदु अधिकारी ने लिए 6 बड़े फैसले

May 11, 2026

झारखंड के लाल का कमाल: डिप्टी कमांडेंट अंशुमन सिंह का IFS में AIR-2, 6वें प्रयास में हासिल की सफलता

May 11, 2026

अग्रवाल सभा महिला समिति का 23वां समर कैंप मस्ती की बस्ती 29 से 31 मई

May 10, 2026
© 2026 Just Post. Designed by Launching Press.
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Terms and Conditions
  • AdSense Policy

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.