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Home»धर्म-अध्याय»प्रेम, शांति व बाईबल संदेश के साथ मनाया गया क्रिसमस
धर्म-अध्याय

प्रेम, शांति व बाईबल संदेश के साथ मनाया गया क्रिसमस

जस्ट पोस्टBy जस्ट पोस्टDecember 25, 2025No Comments2 Mins Read3 Views
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रांची। रांची में क्रिसमस पर्व के अवसर पर चर्चों में प्रेम और शांति का वातावरण देखा गया। इस शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं और गले मिलकर अपनी खुशी व्यक्त की। इस दौरान तीन चरणों में चर्चों में विशेष प्रार्थनाएँ और विनतियों का आयोजन किया गया। सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक यीशु मसीह के जन्मोत्सव पर श्रद्धालु प्रभु यीशु और माता मरियम के समीप प्रभु के चरणों में कैंडल जलाकर प्रेम और शांति की कामना की। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोगों ने प्रार्थना और श्रद्धा के साथ चर्चों का रुख किया। मान्यता है कि हर व्यक्ति को अपने हृदय को प्रभु के चरणों की चरनी बनाना चाहिए, ताकि जीवन में प्रेम और सद्भाव का संचार हो सके।

जीईएल चर्च के बिशप जॉनसन लकड़ा ने क्रिसमस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह त्योहार केवल उत्सव या दिखावे का माध्यम नहीं है, बल्कि इसका मकसद मनुष्यों के हृदय में यीशु मसीह को स्थान देना है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने हृदय को प्रभु के चरणों की चरनी बनाकर अपने कार्य और व्यवहार से दूसरों के जीवन में खुशियों का संचार करना चाहिए। वहीं, सीएनआई चर्च के पुरोहित जोलजस कुजूर ने कहा कि यीशु का जन्म सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण के लिए हुआ है। यीशु केवल एक घटना नहीं, बल्कि संसार को पापों से मुक्त कराने और नया जीवन देने का प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि प्रभु यीशु का जन्म मानवता के उद्धार के लिए हुआ है, और उनका अवतरण मानव जीवन की रक्षा के लिए है। प्रभु का यह पर्व प्रेम, शांति और उद्धार का संदेश लेकर आया है।

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