
राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर आज जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू से बचाव एवं जन-जागरूकता को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस वर्ष राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम “डेंगू नियंत्रण के लिए जन भागीदारी: जाँच करें, सफाई करें और ढकें” रखी गई है।
इस अवसर पर जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी द्वारा लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर साफ एवं जमा पानी में पनपता है तथा दिन के समय काटता है। संक्रमित मच्छर के काटने पर वायरस शरीर में प्रवेश कर व्यक्ति को संक्रमित कर देता है।
डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी तथा त्वचा पर लाल चकत्ते शामिल हैं। डेंगू का कोई विशेष इलाज नहीं है, इसलिए समय पर जांच एवं चिकित्सकीय सलाह आवश्यक है।
सिविल सर्जन रांची डॉ प्रभात कुमार के द्वारा आमजन से अपील की गई कि घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें, पानी के बर्तनों को ढककर रखें तथा सप्ताह में एक दिन “ड्राई डे” मनाएं। पुराने टायर, बोतल, नारियल के खोल एवं कबाड़ में पानी जमा न होने दें। साथ ही मच्छरदानी एवं पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़ों का उपयोग करने की सलाह दी गई।
इस अवसर पर विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों एवं विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाया गया। रांची शहरी क्षेत्र के डेंगू प्रभावित वार्डों में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया गया तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करते हुए लार्वानाशी दवाओं का छिड़काव किया गया।
बता दें कि वर्ष 2025 में जिले में डेंगू के 92 मामले सामने आए थे, जबकि जनवरी से अप्रैल 2026 तक 14 मरीजों की पुष्टि हुई है। स्वस्थ्य कर्मीयों के द्वारा लगातार निगरानी एवं रोकथाम संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

