राज्यसभा सदस्य आदित्य साहू बीजेपी की झारखंड इकाई के नए अध्यक्ष नियुक्त किए गए. केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने इसकी जानकारी दी. आदित्य साहू वैश्य समाज से ताल्लुक रखते हैं. ओराम ने राज्य से नेशनल काउंसिल के सदस्यों के नामों की भी घोषणा की. राज्य से 21 नेशनल काउंसिल सदस्य पदों के लिए चुने गए प्रमुख नेताओं में पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा, रघुबर दास, मधु कोड़ा और चंपई सोरेन, सांसद संजय सेठ और दीपक प्रकाश, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, और पूर्व सांसद करिया मुंडा और गीता कोड़ा शामिलजुएल ओराम ने कहा, “मुझे झारखंड प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ एक नामांकन मिला. जांच और राष्ट्रीय अध्यक्ष की अनुमति के बाद, मैं आदित्य साहू को झारखंड बीजेपी का अध्यक्ष घोषित करता हूं.” साहू ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की जगह पार्टी के राज्य अध्यक्ष का पद संभाला है. मरांडी विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं. 3 अक्टूबर को, बीजेपी ने साहू को अपनी झारखंड इकाई का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था.

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने दी साहू को बधाई
आदित्य साहू के झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष बनने की घोषणा के साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं और उनके समर्थकों में उत्साह है. उन्हें बधाई देने का सिलसिला भी जारी है. गोड्डा के बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया एक्स पर बधाई देते हुए कहा, ”आदित्य साहू के नेतृत्व में झारखंड में भाजपा में सकारात्मक परिवर्तन होगा.” बीजेपी के कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी साहू को बधाई और शुभकामनाएं दीं.आदित्य साहू का भावुक पहला भाषण- पार्टी को मां बताया

अपने पहले भाषण में आदित्य साहू ने पार्टी को “मां” करार देते हुए कहा, “भाजपा हमारी मां है, इस मां ने हमें जो पहचान दी है, उसका मैं आजन्म ऋणी रहूंगा.” उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय सहित पार्टी के पुरोधाओं को नमन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी में बूथ स्तर से कोई भी शिखर तक पहुंच सकता है. उन्होंने “चरैवेति-चरैवेति” का मंत्र देते हुए धैर्य बनाए रखने की बात कही.आदित्य साहू ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को बड़े भाई बताते हुए कहा कि अब उनका हर क्षण पार्टी के लिए समर्पित है. उन्होंने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को पार्टी की सफलता का आधार बताया.

सरकार बनाने की हड़बड़ी नहीं, झारखंड को बचाने की जरूरत

आदित्य साहू ने वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार को नाकाम बताते हुए कहा कि भाजपा को सरकार बनाने की कोई हड़बड़ी नहीं है, बल्कि झारखंड को बचाने की हड़बड़ी है. उन्होंने 2024 चुनाव में झूठ के कारण सरकार न बन पाने की बात कही, लेकिन जनता का विश्वास अभी भी भाजपा पर है. साहू ने जमीन लूट, घुसपैठियों की बढ़ती संख्या, संथाल क्षेत्र में मतदाताओं की असामान्य वृद्धि (78.6%) और पेसा नियमावली में छल का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अमित शाह-मोदी ने घुसपैठियों को निकालने का वादा किया है और विरोधी SIR का विरोध कर रहे हैं.

समीर उरांव ने कहा कि नई टीम जोश के साथ काम करेगी और 2029 में भाजपा को सत्ता में लौटाना है. पीएन सिंह ने आदित्य साहू को “24 कैरेट भाजपाई” बताया और कहा कि उन्होंने 20 साल पहले उन्हें रांची ग्रामीण का अध्यक्ष बनाया था. वहीं, अन्नपूर्णा देवी ने साहू को सौम्य और मिलनसार बताते हुए कहा कि सबको साथ लेकर पार्टी को शिखर पर ले जाएंगे. अर्जुन मुंडा ने कहा कि साहू के नेतृत्व में संगठन मजबूत होगा और 2029 में भाजपा की सरकार बनेगी.

जुएल उरांव ने ओडिशा भाजपा की सफलता की कहानी सुनाकर कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि साहू के नेतृत्व में भाजपा और मजबूत होगी. उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की बदहाली, विकास में बाधा और चुनौतियों का जिक्र करते हुए एक-एक बूथ मजबूत करने की बात कही. यह संगठनात्मक बदलाव 2024 विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी को नई दिशा देने का प्रयास माना जा रहा है. आदित्य साहू का बूथ स्तर से प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर पार्टी में सामान्य कार्यकर्ता की संभावनाओं को दर्शाता है.

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