
झारखंड: रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र में एक बंद घर के भीतर ऐसा खेल चल रहा था, जिसका खुलासा होते ही इलाके में हड़कंप मच गया। बाहर से आम घर जैसा दिखने वाले इस ठिकाने के अंदर नकली विदेशी शराब का पूरा कारखाना चल रहा था। यहां स्प्रिट से शराब तैयार होती थी, बोतलों में भरी जाती थी, नामी कंपनियों के फर्जी स्टीकर और होलोग्राम चिपकाए जाते थे, फिर इन्हें बाजार में असली ब्रांड बताकर खपा दिया जाता था। रामगढ़ पुलिस की छापेमारी में इस पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ। भारी मात्रा में शराब, स्प्रिट, खाली बोतलें, फर्जी लेबल और पैकिंग सामग्री बरामद हुई है। दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन पुलिस को शक है कि इस धंधे के पीछे बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। इस बात का खुलासा रामगढ़ एसपी मुकेश लुनायत ने किया है।
बाहर सन्नाटा, अंदर चल रही थी नकली फैक्ट्री
ऊपर खखरा टोला के जिस बंद घर पर पुलिस ने छापा मारा, वहां बाहर से सब कुछ नॉर्मल दिखता था। आसपास के लोगों को शायद अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि इसी घर के भीतर नकली शराब का कारोबार चल रहा है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि यहां अवैध तरीके से विदेशी शराब बनाई जा रही है और फिर अलग-अलग इलाकों में सप्लाई की जा रही है। सूचना मिलते ही रामगढ़ एसपी के निर्देश पर डीएसपी चंदन वत्स के नेतृत्व में एसआईटी बनाई गई। टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ठिकाने पर छापा मारा और अंदर का नजारा देखकर खुद भी चौंक गई।
जैसे कोई मिनी फैक्ट्री चल रही हो
पुलिस को मौके से जो सामान मिला, वह बता रहा था कि यह कोई छोटी-मोटी सेटिंग नहीं थी। यहां संगठित तरीके से शराब तैयार करने और पैक करने का काम चल रहा था। बरामदगी में 250 पेटी विदेशी शराब, 1800 लीटर तैयार शराब, 1600 लीटर स्प्रिट, 20 हजार बोतलों के ढक्कन, 40 हजार फर्जी लेबल और स्टीकर, 20 हजार खाली शराब की बोतलें, भारी मात्रा में पैकिंग सामग्री, एक पिकअप वाहन और दो मोटरसाइकिल शामिल हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि यह कारोबार लंबे समय से और बड़े पैमाने पर चल रहा था।
नामी ब्रांड के नाम पर धोखा
जांच में सामने आया है कि आरोपी तैयार शराब को बोतलों में भरकर उस पर अलग-अलग कंपनियों के फर्जी होलोग्राम और स्टीकर लगा रहे थे। यानी ग्राहक दुकान से जो बोतल खरीदता, उसे लगता कि वह असली विदेशी शराब ले रहा है, जबकि असल में वह नकली और संभावित रूप से खतरनाक शराब होती। ऐसी शराब सिर्फ जेब पर डाका नहीं डालती, बल्कि जान के लिए भी खतरा बन सकती है। कई बार जहरीली शराब से मौत की घटनाएं सामने आती रही हैं।
दो गिरफ्तार, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मनोज मुर्मू और भदरू सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने शराब निर्माण और भंडारण में अपनी भूमिका स्वीकार की है। हालांकि पुलिस मान रही है कि यह सिर्फ दो लोगों का काम नहीं हो सकता। इतनी बड़ी मात्रा में सामान, पैकिंग, सप्लाई वाहन और फर्जी ब्रांडिंग यह इशारा कर रही है कि इसके पीछे सप्लाई चेन, खरीदार और वितरकों का पूरा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। गोला थाना में इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े बाकी लोगों की तलाश में जुटी है। रामगढ़ एसपी मुकेश लुनायत का कहना है कि जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

