रांची: देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना की शुरुआत हो चुकी है. झारखंड में इस ऐतिहासिक प्रक्रिया का आगाज 1 मई 2026 से होगा. पहले चरण में 1 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना (self-enumeration) और 16 मई से 14 जून 2026 तक घर-घर सर्वे होगा. प्रथम चरण में मकानों की सूची और हाउस लिस्टिंग होगी वहीं दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें जनसंख्या गणना की जाएगी. पहला चरण (हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सर्वे)

भारत सरकार के जनगणना निदेशालय ने राज्य में शुरू हो रहे जनगणना को लेकर तैयारियां पूरी कर ली है. इसके लिए पूरा शेड्यूल भी तैयार कर लिया गया है. भारत सरकार के जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक प्रभात कुमार ने
बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है. 75 हजार कर्मचारी होंगे तैनात, मिलेगा 25 हजार का मानदेय

इस कार्य में झारखंड सरकार के करीब 75,000 कर्मचारी लगाए गए हैं. इनमें अधिकांश स्कूली शिक्षक शामिल हैं, जिन्हें अपने कार्य क्षेत्र में ही तैनात किया गया है. सरकार प्रत्येक कर्मचारी को कुल 25 हजार रुपये मानदेय देगी. इसमें हाउस सर्वे के लिए 9,000 रुपये और जनसंख्या गणना के दौरान 16,000 रुपये शामिल हैं. प्रत्येक प्रगणक को अधिकतम 200 घरों की गणना करनी होगी.

स्व-गणना कैसे करें? पोर्टल और OTP की सावधानी

भारत सरकार के जनगणना निदेशालय ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. निदेशक प्रभात कुमार ने आम नागरिकों से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है. स्व-गणना के लिए 1 मई से 15 मई 2026 तक लोग पोर्टल पर जाकर घर के मुखिया के माध्यम से खुद और अपने परिवार का डेटा भर सकेंगे. इसके बाद 16 मई से 14 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर इसकी सत्यापन करेंगे.
[: नेटवर्क समस्या और भाषाई सुविधा

झारखंड के कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या को देखते हुए प्रगणकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. वे नेटवर्क वाले क्षेत्र में लॉगिन करके मैनुअल कार्य करें और बाद में नेटवर्क एरिया में आकर डेटा एंट्री करें. भाषाई समस्या से बचने के लिए स्थानीय भाषा बोलने वाले सरकारी कर्मचारियों को ही प्रगणक बनाया गया है.

पूछे जाएंगे 33 सवाल, SC/ST की जानकारी प्रभात कुमार ने कहा कि ये आंकड़े पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे और भारत सरकार भविष्य की योजनाएं बनाने के लिए इनका उपयोग करेगी. इसलिए सभी नागरिकों से इन सवालों के जवाब देने में पूर्ण सहयोग करने का आग्रह किया गया है.

यह डिजिटल जनगणना देश के विकास की योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी. नागरिकों से अपील है कि स्व-गणना के माध्यम से प्रक्रिया को और तेज एवं सटीक बनाने में अपना योगदान दें.

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