
नई दिल्ली: सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों को अपडेट करती है. महीने की पहली तारीख को 19 किग्रा. वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे. वहीं, रविवार को घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में भी करीब 29 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है. इससे आम जनता को महंगाई का झटका लगा है. इसी सिलसिले में सरकार ने उज्जवला योजना के लाभार्थियों पर भी महंगाई का बम फोड़ा है.
ताजा जानकारी के मुताबिक इस सरकारी योजना के अंतर्गत मिलने वाले रियायती गैस सिलेंडर की संख्या में कटौती की गई है. इस संबंध में पेट्रोलियम गैस मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी प्रवीण मल खनूजा ने सोमवार को बताया कि सरकार ने उज्ज्वला स्कीम के लाभार्थियों को हर साल मिलने वाले सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की संख्या घटाकर चार कर दी है, ताकि औसत घरेलू खपत के लेवल के हिसाब से मदद दी जा सके.
पहले पूरे साल मे 12 रियायती घरेलू सिलेंडर दिए जाते थे
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए रियायती एलपीजी सिलेंडरों की संख्या 9 थी, जिसे अब घटाकर 4 कर दिया गया है. बता दें, केंद्र की मोदी सरकार ने इस योजना की शुरुआत मई 2016 में की थी. जिसका उद्देश्य गरीब और वंचित परिवारों को स्वच्छ खाना पकाने में कोई दिक्कत ना हो और प्रदूषण से निजात मिल सके. उज्जवला योजना की शुरुआत में लाभार्थियों को पूरे साल में 12 रियायती घरेलू गैस सिलेंडर दिए जाते थे, लेकिन बाद में इसमें कटौती करते हुए 9 कर दिया गया. अब इसे घटाकर 4 करने का फैसला लिया गया है.
सब्सिडी सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर
मोदी सरकार इस योजना के तहत सब्सिडी भी देती है. जानकारी के मुताबिक मई 2022 में 14.2 किग्रा.वाले घरेलू गैस सिलेंडर पर 200 रुपये की सब्सिडी शुरू की थी. फिर अगले साल 2023 में इसमें बढ़ोत्तरी करते हुए प्रति सिलेंडर 300 रुपये की सब्सिडी दी जाने लगी. बता दें, यह सब्सिडी लाभार्थियों के सीधे खाते में ट्रांसफर की जाती है.
उज्जवला योजना में मिलने वाले सिलेंडर के दाम
आपको बता दें, सरकारी तेल कंपनियों ने रविवार 7 जून को घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में 29 रुपये की वृद्धि की थी. जिसके बाद राष्ट्रीय राजधानी में 14.2 किग्रा. वाले एलपीजी सिलेंडर के नए दाम 942 रुपये हो गए हैं. उससे पहले मार्च में भी 60 रुपये बढ़ाए गए थे. 300 रुपये की सब्सिडी के हिसाब से प्रत्येक लाभार्थियों को करीब 642 रुपये का पेमेंट करना होगा. वहीं, पेट्रोलियम विभाग के डेटा पर एक नजर डालें तो साल 2022 से सब्सिडी के तौर पर 52 हजार करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं.

