रांची, समस्त जैन समाज एवं विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में “राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान” के अंतर्गत
(सोमवार) को प्रातः 7:30 बजे रांची शहर में एक विशाल शांतिपूर्ण “मौन रैली” का आयोजन किया गया । यह रैली हाल ही में विहाररत पूज्य आर्यिका माताजी एवं संघ के साथ हुई अत्यन्त दुखद घटना के विरोध एवं संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर आयोजित की गई। उक्त घटना से सम्पूर्ण जैन समाज में गहरा दुःख, चिंता एवं आक्रोश व्याप्त है। जैन साधु- संत अहिंसा, संयम एवं त्याग के प्रतीक होते हैं। वे निहत्थे एवं पैदल विहार करते हुए समाज को शांति और मानवता का संदेश देते हैं। ऐसे संतों के साथ बढ़ती दुर्घटनाएँ एवं असुरक्षा की घटनाएँ अत्यन्त गंभीर विषय हैं, जिन पर समाज एवं प्रशासन दोनों को संवेदनशीलता के साथ विचार करने की आवश्यकता है। सम्पूर्ण भारत में रैली के माध्यम से प्रशासन एवं सरकार से निम्न प्रमुख मांगें रखी गई ।
* घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जाँच
* संत सुरक्षा प्रोटोकॉल तत्काल लागू किया जाए
* राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाई जाए
* दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए
* संत विहार मार्गों पर सुरक्षा एवं प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
यह मौन रैली पूर्णतः शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं अहिंसात्मक थी। रैली के दौरान प्रशासनिक दिशा- निर्देशों एवं कानून-व्यवस्था का पूर्ण पालन किया गया। रैली में जैन समाज के लगभग 650 सदस्य शामिल हुए जिनमें अध्यक्ष प्रदीप बाकलीवाल, अमरचंद बेगानी, पूरणमल सेठी, जितेन्द्र छाबड़ा सुरेश बोथरा,विमल दसानी, मनोज काला, राकेश बच्छावत, संजय छाबड़ा, हेमन्त सेठी, पार्षद सुनील यादव (मामा), राजकुमार छाबड़ा, मुकेश बाकलीवाल, मनोज अग्रवाल, कमल पाटोदी, राजकुमार काला, धर्मेन्द्र छाबड़ा, पदम गोधा, विनीता सेठी, स्मिता काशलीवाल, ममता पापड़ीवाल, प्रतिभा बड़जात्या, स्मिता पांड्या, मधु काला, सुनीता काला, ज्योति छाबड़ा सहित कई लोग शामिल थे। यह जानकारी मीडिया प्रभारी राकेश काशलीवाल ने दी।

