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Home»Uncategorized»झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने कहा पुलिसकर्मियों का वर्दी, राशन और विशेष कर्त्तव्य समेत कई भत्ता छह साल से लंबित, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
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झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने कहा पुलिसकर्मियों का वर्दी, राशन और विशेष कर्त्तव्य समेत कई भत्ता छह साल से लंबित, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

जस्ट पोस्टBy जस्ट पोस्टMay 23, 2026No Comments3 Mins Read2 Views
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झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने राज्य के पुलिसकर्मियों और पदाधिकारियों के विभिन्न लंबित भत्तों में संशोधन तथा प्रमोशन की विसंगतियों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा है. एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव राकेश कुमार पाण्डेय द्वारा भेजे गए इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि पुलिसकर्मी पिछले छह वर्षों से अपनी जायज मांगों को लेकर लगातार पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन शासन के स्तर पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. झारखंड पुलिस एसोसिएशन का कहना है कि बिहार सरकार ने अपने पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए भत्तों में सम्मानजनक वृद्धि की है, जबकि झारखंड में आज भी पुलिस बल अत्यंत पुराने और नगण्य दरों पर गुजारा करने को मजबूर हैं.


प्रमुख मांगें और भत्तों में संशोधन का पूरा विवरण
एसोसिएशन ने वर्तमान महंगाई और 24 घंटे की कठिन ड्यूटी को देखते हुए निम्नलिखित भत्तों में तत्काल बढ़ोतरी की मांग की है.
वर्दी भत्ता (आरक्षी से इंस्पेक्टर तक) वर्तमान में 4,000 – 4,500 रुपया प्रतिवर्ष है, इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपया प्रतिवर्ष करने की मांग.
राशन भत्ता 2,000 रुपया प्रति माह है. इसेबढ़ाकर 5,000 रुपया प्रति माह करने की मांग है.
विशेष कर्त्तव्य भत्ता वर्तमान में 65 -100 रुपया प्रति माह है. अब इसे बढ़ाकर 1,000 रुपया प्रति माह करने की मांग.
धुलाई भत्ता वर्तमान में 100 प्रति माह है. इसे बढ़ाकर 1,000 रुपया प्रति माह करने की मांग.
तकनीकी भत्ता वर्तमान में 45 -75 रुपया प्रति माह है. अब इसे बढ़ाकर 3,000 रुपया प्रति माह करने की मांग.
आरमोरर भत्ता को 40 रुपया प्रति माह से बढ़ाकर 1000 रुपया प्रति माह करने की मांग.
शिक्षण भत्ता दो बच्चों के लिए अभी कुछ नहीं है. 2,500 रुपया प्रति माह करने की मांग.
मेडल भत्ता तीन हजार रुपया करने की मांग.
वर्तमान में केवल कुछ क्षेत्रों में ही 15% बेसिक वेतन देने का प्रावधान है. मांग है कि जंगलों और पहाड़ों जैसे दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जिले के सभी पुलिसकर्मियों को इसका लाभ मिले.
पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में तैनात बलों को उनके मूल वेतन का 15% प्रशिक्षण भत्ता दिया जाए.
आईआरबी जवानों के अस्तित्व पर संकट
लिखे पत्र में कहा गया है कि आईआरबी जवानों के अस्तित्व पर संकट और प्रमोशन की विसंगतियां भत्तों के अलावा एसोसिएशन ने पुलिसकर्मियों के भविष्य और करियर से जुड़े गंभीर मुद्दों को भी रेखांकित किया है. आईआरबी बटालियन में बहाल कर्मियों की वर्तमान सेवा अवधि केवल 20 वर्ष है, जिससे उनके सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है. इसे बढ़ाकर 60 वर्ष करने की मांग की गई है.

क्लोज कैडर समस्या
विशेष शाखा में बहाल 2018 बैच के सब इंस्पेक्टर के क्लोज कैडर की समस्या का अविलंब समाधान निकालने की अपील की गई है. एसोसिएशन ने बताया कि आरक्षी से लेकर पुलिस निरीक्षक स्तर तक के कर्मियों के लिए प्रमोशन एक बेहद जटिल समस्या बन चुका है. पुलिसकर्मी 20 से 25 साल तक एक ही पद पर सेवा देने के बाद भी एक अदद प्रमोशन के लिए जद्दोजहद कर रहे है.मांग की गई है कि रोस्टर की प्रक्रिया को जल्द पूरा कर सभी को प्रमोशन का लाभ दिया जाए.

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