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Home»Uncategorized»झारखंड में बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए बनेगी नई गाइडलाइन
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झारखंड में बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए बनेगी नई गाइडलाइन

जस्ट पोस्टBy जस्ट पोस्टApril 10, 2026No Comments2 Mins Read0 Views
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राज्य में बायो-मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित और वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के लिए नई कॉम्प्रिहेंसिव गाइडलाइन तैयार करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एक व्यापक गाइडलाइन बनाई जाए, जिसका पालन राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के लिए अनिवार्य होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कचरा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे पर्यावरण और जन-स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

बैठक में डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल एवं डॉ. रंजीत ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में पांच कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी संचालित हैं, जहां बायो-मेडिकल कचरे का सुरक्षित निस्तारण किया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि नई गाइडलाइन के तहत कचरा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अंतर्गत कचरे के उठाव से लेकर अंतिम निस्तारण तक बारकोडिंग और जीपीएस ट्रैकिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। साथ ही बिना उपचार वाले कचरे को 48 घंटे से अधिक समय तक संग्रहित करने पर रोक लगाई जाएगी।

नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें पर्यावरण मुआवजा दंड लगाने के साथ-साथ संबंधित संस्थान का पंजीकरण रद्द करने तक की कार्रवाई शामिल होगी।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में बायो-मेडिकल कचरे के निस्तारण के लिए ‘डीप बरियल’ जैसे वैज्ञानिक तरीकों का मानकों के अनुरूप उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। नई गाइडलाइन लागू होने के बाद राज्य में बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने की उम्मीद है।

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