
अनगड़ा। सेवा भारती के तत्वावधान में रविवार को जोन्हा गुड़ीडीह स्थित सेवाधाम के प्रांगण में किसान मेला और सेवा समर्पण दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। किसान मेले के मुख्य समारोह की अध्यक्षता करते हुए कोल इंडिया के पूर्व चेयरमैन गोपाल सिंह ने कहा कि सेवा भारती बच्चों को संस्कार और किसानों को सहायता देती है। आज समाज में संस्कारित बच्चों और मेहनतकश कृषकों की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण है। देश की अर्थ व्यवस्था कृषि और किसानों पर निर्भर करती है । उन्होंने कहा कि सेवा भारती किसानों के विकास के लिए पिछले कई सालों से ऐसा आयोजन करती आ रही है। यह अत्यंत प्रशंसनीय कार्य है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी स्वामी देवेंद्र प्रकाश ने कहा कि सेवा भारती का किसानों , ग्रामीण बच्चों और आम नागरिकों की सेवा का काम अत्यंत सराहनीय है। किसान मेला में किसान भाइयों की मेहनत दिखाई दी। सेवा भारती मेहनती किसानों को प्रोत्साहित बड़े पुण्य का काम कर रही है। कार्यक्रम में सेवा भारती के केंद्रीय ट्रस्टी गुरुशरण प्रसाद, विनय कुमार लाल, सेवा भारती भाग – 5 के अध्यक्ष चंदन मिश्र, सचिव संतोष वर्मा और विक्रमादित्य नगर के संघचालक शंकर प्रसाद उपस्थित रहे। अतिथियों ने मेले में आए किसानों को पुरस्कृत किया।
सेवाधाम परिसर गुड़ीडीह के चिकित्सा केंद्र में ग्रामीणों के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया, जिसमें एक सौ से ज्यादा ग्रामीणों ने चिकित्सा जांच का लाभ उठाया। इस शिविर का उद्घाटन रिम्स के पूर्व विशेषज्ञ डॉ केपी सिन्हा ने नारियल फोड़ कर किया। चिकित्सा शिविर में सेवा सदन के डॉक्टर चंदन और डॉ .मनीष कुमार, डॉ नितिन और लायंस क्लब के डॉ हरिदास महतो ने मिलकर 108 मरीजों की जांच की। उन्हें चिकित्सा केंद्र में उपलब्ध दवाएं दी गई। चिकित्सा शिविर का समन्वय एस एन पाठक ने की।
अनगड़ा और सिल्ली प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में चल रहे संस्कार केंद्र के बच्चों ने दौड़ प्रतियोगिता में भाग लिया।
अलग-अलग आयु वर्ग के भैया और बहनों के लिए आयोजित दौड़ प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
विभिन्न गांवों से मेले में पहुंचे किसानों के लिए उनके उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी के बाद किसान संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के अपर निदेशक डॉ नीरज लाल, सहायक प्रोफेसर डॉ एनसी गुप्ता और डॉ सुधीर कुमार सिंह ने किसानों को खेती के ऑर्गेनिक और उन्नत तरीकों की जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिकों ने मिट्टी जांच की जरूरतों और इसकी जानकारी देते हुए किसानों को दो तीन साल के अंतराल में मिट्टी जांच कराने की सलाह दी। किसानों ने कृषि वैज्ञानिकों से कई सवाल किए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सेवा भारती भाग-पांच के संजय गोयल, नरेश साहू, लालचंद बेदिया, दिनेश महतो, सोनाराम और पूजा कुमारी सहित कई शामिल रहे।

