Close Menu
Just PostJust Post
  • आज की बड़ी खबरें
  • झारखंड
  • बिहार
  • देश
  • दुनिया
  • राजनीति
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • धर्म-अध्याय
  • लेख
Facebook X (Twitter) Instagram
Just PostJust Post
Facebook X (Twitter) Instagram WhatsApp
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • खेल
  • मनोरंजन
  • धर्म-अध्याय
  • लेख
Just PostJust Post
  • आज की बड़ी खबरें
  • झारखंड
  • बिहार
  • देश
  • दुनिया
  • राजनीति
  • खेल
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • धर्म-अध्याय
  • लेख
Home»Uncategorized»विदेशी भाषा शिक्षण एवं अधिगम में प्रौद्योगिकी, नैतिकता और सांस्कृतिक आयाम” विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन हाइब्रिड मोड में किया गया
Uncategorized

विदेशी भाषा शिक्षण एवं अधिगम में प्रौद्योगिकी, नैतिकता और सांस्कृतिक आयाम” विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन हाइब्रिड मोड में किया गया

जस्ट पोस्टBy जस्ट पोस्टJanuary 21, 2026No Comments4 Mins Read0 Views
Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram Threads Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Threads Telegram WhatsApp Copy Link

रांची झारखंड- बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान , मेसरा के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग द्वारा “विदेशी भाषा शिक्षण एवं अधिगम में प्रौद्योगिकी, नैतिकता और सांस्कृतिक आयाम” विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन हाइब्रिड मोड में किया गया। इस सम्मेलन में भारत तथा विदेशों से शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।

उद्घाटन सत्र प्रातः 10:00 बजे अनुसंधान एवं विकास भवन के सेमिनार हॉल–I में आरंभ हुआ, जहाँ सभी गणमान्य अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया गया। मंच पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों में कार्यवाहक कुलपति डॉ. अशोक शेरोन मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. भास्कर कर्ण, डॉ. धर्मेन्द्र कुमार चंद, सम्मेलन संयोजक डॉ. मृणाल पाठक तथा डॉ. संदीप कुमार बिस्वास शामिल थे। उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि फ्रांस दूतावास, भारत की अधिकारी श्रीमती जूलिया मार्टिन थीं, जो शिक्षा सहयोग तथा फ्रेंच भाषा एवं संस्कृति के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उन्हें फ्रांस के शिक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय में पंद्रह वर्षों का प्रशासनिक अनुभव प्राप्त है तथा वे वर्तमान पदस्थापना से पूर्व यूनाइटेड किंगडम, जापान और कंबोडिया में कार्य कर चुकी हैं। श्रीमती मार्टिन उन सभी बच्चों, विद्यार्थियों और वयस्कों को अवसर प्रदान करने के लिए समर्पित हैं, जो किसी भी फ्रेंच भाषी देश में अध्ययन या कार्य करना चाहते हैं।
इसके पश्चात पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं संस्थान प्रार्थना का आयोजन हुआ, जो शैक्षणिक विमर्श की शुभ शुरुआत का प्रतीक था। इसके बाद अतिथियों को सम्मान स्वरूप स्मृति-चिह्न एवं शॉल भेंट किए गए।

विभागाध्यक्ष डॉ. भास्कर कर्ण ने स्वागत भाषण देते हुए प्रौद्योगिकी आधारित भाषा शिक्षा में नैतिकता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता के समावेशन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने संगठन के हित में मूल्यों की भूमिका को भी रेखांकित किया।

इसके उपरांत सम्मेलन संयोजक डॉ. मृणाल पाठक ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लाभों और चुनौतियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा, “एआई एक अद्भुत सेवक है, लेकिन एक विनाशकारी स्वामी।”

इसके बाद कार्यवाहक कुलपति डॉ. अशोक शेरोन ने अपने संबोधन में उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल नवाचार की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने समग्र विकास पर जोर देते हुए संस्थान द्वारा मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान तथा डेटा साइंस जैसे नए विभाग प्रारंभ किए जाने की पहल का उल्लेख किया।

मुख्य अतिथि सुश्री जूलिया मार्टिन-लेग्रोस ने “एआई युग में विदेशी भाषा शिक्षण: अवसर और चुनौतियाँ” विषय पर मुख्य उद्घाटन व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसने सम्मेलन की बौद्धिक दिशा निर्धारित की। अपने विचारोत्तेजक भाषण में उन्होंने एआई की तुलना प्रोमीथियस की मिथक कथा से करते हुए इसके लाभों और चुनौतियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

उद्घाटन सत्र का समापन डॉ. संदीप कुमार बिस्वास, सहायक प्राध्यापक, सेंटर ऑफ़ फ़ार ईस्ट लैंग्वेजेस (चीनी), केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसके पश्चात सामूहिक छायाचित्र एवं जलपान का आयोजन किया गया।
उद्घाटन समारोह के पश्चात जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के स्कूल ऑफ़ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चर स्टडीज़ के फ्रेंच एवं फ्रैंकोफोन अध्ययन केंद्र के प्रोफेसर प्रो. सुशांत कुमार मिश्रा द्वारा “प्रौद्योगिकी विदेशी भाषा शिक्षण/अधिगम को किस प्रकार नया स्वरूप दे रही है?” विषय पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। उन्होंने भाषा और विस्मृति के आपसी संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एआई स्मृति को सुदृढ़ करने में सहायक हो सकती है, किंतु विस्मृति के पहलू को प्रायः अनदेखा कर दिया जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस विरोधाभास में शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो रचनात्मकता को प्रोत्साहित कर भाषा शिक्षण को प्रभावी बनाते हैं।

इसके पश्चात प्रो. सुशांत कुमार मिश्रा और डॉ. रोहित कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में विभिन्न शोध पत्र प्रस्तुतिकरण सत्र आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों के बीच सार्थक शैक्षणिक संवाद हुआ।

दोपहर के भोजन के उपरांत द्वितीय शोध पत्र प्रस्तुतिकरण सत्र आरंभ हुए, जिनका संचालन प्रोफेसर सुशांत कुमार मिश्रा और डॉ. अनन्या साहा ने किया। इन सत्रों में गहन चर्चाएँ हुईं तथा प्रतिभागियों को मूल्यवान सुझाव प्राप्त हुए, जिससे उनका अकादमिक अनुभव और भी समृद्ध हुआ।

इस प्रकार, प्रथम दिन का समापन सक्रिय चर्चाओं एवं शैक्षणिक सहभागिता से परिपूर्ण शोध पत्र प्रस्तुतिकरण सत्रों के साथ हुआ।

Share. Facebook Twitter Email Threads Telegram WhatsApp Copy Link
जस्ट पोस्ट
  • Website

Related Posts

मोदी सरकार के 12 साल उपलब्धियां नहीं 24 गबनों का कार्यकाल रहा : सुप्रियो भट्टाचार्य

June 29, 2026

राम और हनुमान का चरित्र त्याग, भक्ति और आदर्श का शिखर: मुनि श्री सुयश सागर जी

June 29, 2026

दिल्ली में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शामिल हुई मंत्री दीपिका पांडेय सिंह

June 29, 2026

खनन संविदाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन

June 29, 2026

बुढ़मू में महिला ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

June 29, 2026

मानव अधिकार और समावेशी विकास पर राष्ट्रीय मंथन: ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना से ही बनेगा समृद्ध भारत: न्यायमूर्ति विद्युत रंजन सारंगी

June 29, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

मोदी सरकार के 12 साल उपलब्धियां नहीं 24 गबनों का कार्यकाल रहा : सुप्रियो भट्टाचार्य

June 29, 2026

राम और हनुमान का चरित्र त्याग, भक्ति और आदर्श का शिखर: मुनि श्री सुयश सागर जी

June 29, 2026

दिल्ली में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शामिल हुई मंत्री दीपिका पांडेय सिंह

June 29, 2026

खनन संविदाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन

June 29, 2026

बुढ़मू में महिला ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

June 29, 2026
© 2026 Just Post. Designed by Launching Press.
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Terms and Conditions
  • AdSense Policy

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.