रांची।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) राँची विश्वविद्यालय समिति की ओर से छात्रवृत्ति की लंबित राशि को अविलंब जारी कराने की मांग को लेकर झारखंड प्रदेश NSUI के नेतृत्व में आज छात्र आक्रोश मार्च निकाला गया। यह मार्च बापू वाटिका, मोरहाबादी से प्रारंभ होकर लोक भवन तक पहुँचा, जहाँ छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर राँची विश्वविद्यालय NSUI के अध्यक्ष कैफ अली ने कहा कि छात्रवृत्ति छात्रों का अधिकार है, न कि कोई एहसान। फंड जारी न होने के कारण हजारों गरीब, अल्पसंख्यक, दलित और पिछड़े वर्ग के छात्र शिक्षा से वंचित होने की कगार पर हैं। केंद्र सरकार जानबूझकर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, जिसे NSUI किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
डोरंडा महाविद्यालय के अध्यक्ष इल्यास अंसारी ने अपने बयान में कहा कि छात्रवृत्ति के अभाव में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई छात्र फीस, किताबों व आवास की समस्या से जूझ रहे हैं। यदि जल्द फंड जारी नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
राँची विश्वविद्यालय के महासचिव सह डोरंडा महाविद्यालय प्रभारी शादमान खान ने कहा कि केंद्र सरकार की छात्र विरोधी नीतियों का खामियाजा सीधे तौर पर छात्र भुगत रहे हैं। NSUI छात्रों की आवाज को सड़क से संसद तक उठाने का काम करेगी।
वहीं राँची विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष विश्वजीत सिंह ने कहा कि छात्रवृत्ति में देरी सामाजिक न्याय की अवधारणा पर सीधा हमला है। सरकार को तत्काल फंड जारी कर छात्रों को राहत देनी चाहिए।
मांडर महाविद्यालय के अध्यक्ष अमन शहज़ाद और मारवाड़ी महाविद्यालय के अध्यक्ष इमदाद अंसारी ने भी संयुक्त रूप से कहा कि छात्रवृत्ति रोके जाने से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर सबसे अधिक असर पड़ा है। केंद्र सरकार को छात्रों के भविष्य के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए।
आक्रोश मार्च के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के विरुद्ध नारे लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र छात्रवृत्ति की राशि जारी नहीं की गई, तो आंदोलन को राज्यव्यापी और उग्र रूप दिया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से कैफ अली, इल्यास अंसारी, शादमान खान, विश्वजीत सिंह, अमन शहज़ाद, इमदाद अंसारी, अमन अली, विधि उराँव, जमील अख्तर, वासिफ इक़बाल, साद गौहर, तल्हा अफरोज़, असद खान, शृष्टि सिंह, कशिश खान, अबू राफे, अब्दुल राजिक, अंकित कुमार, अंगद कुमार समेत सेंकड़ों विद्यार्थी उपस्थित थे।

